कई ब्रांड के लिए एजेंसी चुनने में वेटेड स्कोरकार्ड काम आता है: आठ पैमाने, हर एक पर 1 से 5 का स्कोर, आपकी प्राथमिकता बताने वाला वेट, और पिच देखने से पहले मांगा गया सबूत। हर एजेंसी को एक ही टेस्ट ब्रीफ़ दें, दो लोगों से अलग-अलग स्कोर करवाएं और फिर नतीजे मिलाएं। इससे फ़ैसले की ज़्यादातर चमक-दमक छंट जाती है और असली काम सामने आता है।
TLDR: एजेंसियों को स्ट्रैटेजी, ब्रांड गवर्नेंस, क्रिएटिव, वर्कफ़्लो, रिपोर्टिंग, टीम, प्लैटफ़ॉर्म की समझ और कमर्शियल शर्तों पर स्कोर करें। वेट का कुल जोड़ 100 रखें। हर स्कोर के लिए सबूत मांगें और अपनी तीन की शॉर्टलिस्ट के साथ एक पेड टेस्ट ब्रीफ़ चलाएं।
स्कोरकार्ड
वेट अपनी ज़रूरत के हिसाब से बदल लें। कई ब्रांड संभालने वाली टीम के लिए यह एक अच्छी शुरुआत है।
| पैमाना | वेट | स्कोर 5 कैसा दिखता है | कौन-सा सबूत मांगें |
|---|---|---|---|
| स्ट्रैटेजी | 15 | हर ब्रांड के लिए कंटेंट को आपके लक्ष्यों और ऑडियंस से जोड़ती है | आपके टेस्ट ब्रीफ़ की स्ट्रैटेजी, तर्क के साथ |
| ब्रांड गवर्नेंस | 15 | कई आवाज़ें संभालती है और वे आपस में घुलती नहीं | हर ब्रांड की आवाज़, एसेट्स और नियम वे कहां रखते हैं |
| क्रिएटिव क्वालिटी | 15 | आपकी कैटेगरी में अलग और ब्रीफ़ पर खरा काम | दो मिलते-जुलते केस स्टडी और अनपब्लिश्ड ड्राफ़्ट |
| वर्कफ़्लो और अप्रूवल | 15 | साफ़ स्टेज, नामित अप्रूवर, टर्नअराउंड समय | एक लाइव अप्रूवल फ़्लो का वॉकथ्रू |
| रिपोर्टिंग | 15 | रिपोर्ट लक्ष्यों से जुड़ती हैं और ब्रांड्स की निष्पक्ष तुलना करती हैं | एक असली रिपोर्ट, नाम हटाकर |
| टीम और क्षमता | 10 | नाम वाले लोग, बैकअप कवरेज, वाजिब काम का बोझ | आपके अकाउंट की ऑर्ग चार्ट, घंटों के साथ |
| प्लैटफ़ॉर्म की समझ | 10 | हर प्लैटफ़ॉर्म की अपनी ख़ासियतें जानती है | आपके टॉप दो प्लैटफ़ॉर्म वे कैसे संभालेंगे |
| कमर्शियल शर्तें | 5 | साफ़ स्कोप, बदलाव की प्रक्रिया और बाहर निकलने की शर्तें | कॉन्ट्रैक्ट का ड्राफ़्ट और रेट कार्ड |
हर स्कोर को उसके वेट से गुणा करें और 5 से भाग दें, तो 100 में से कुल स्कोर मिल जाएगा। 70 से कम स्कोर वाली एजेंसी को ना कहें, और किसी भी पैमाने पर एक 1 आए तो वहीं रुक जाएं।
स्कोर करने से पहले टेस्ट ब्रीफ़ चलाएं
पिच से सही अंदाज़ा नहीं लगता, क्योंकि एजेंसियां पिच में अपने सबसे अच्छे लोग उतारती हैं। इसलिए अपने तीनों फ़ाइनलिस्ट को एक ही हफ़्ते का टेस्ट दें, पेड हो तो बेहतर, वरना कम से कम साफ़ स्कोप के साथ:
- एक असली ब्रांड, एक असली कैंपेन लक्ष्य।
- दो हफ़्ते की कंटेंट योजना, तीन सैंपल पोस्ट और एक पेज का रिपोर्टिंग आउटलाइन।
- पांच कार्यदिवस की डेडलाइन।
जो वापस आए, उसे स्कोर करें। उन्होंने आपसे जो सवाल पूछे, वे भी गिनें: अच्छी एजेंसियां ऑडियंस, अप्रूवल चेन और पहले क्या फ़ेल हुआ था, इस बारे में पूछती हैं।
हर पैमाने पर क्या पूछें
ब्रांड गवर्नेंस। कई ब्रांड वाले क्लाइंट के लिए एजेंसियों में सबसे ज़्यादा फ़र्क यहीं दिखता है। पूछें: "ब्रांड A की आवाज़ ब्रांड B में न चली जाए, इसके लिए आप क्या करते हैं?" जवाब में अलग वर्कस्पेस, हर ब्रांड की गाइडलाइन और रिव्यू स्टेप आने चाहिए, "हमारे राइटर सावधान रहते हैं" नहीं।
वर्कफ़्लो और अप्रूवल। पूछें कि पोस्ट ड्राफ़्ट से लाइव तक कैसे पहुंचती है और उसे कौन रोक सकता है। अपनी तरफ़ का भी ऑडिट करें: अप्रूवल-से-पब्लिश स्कोरकार्ड आपकी तरफ़ के हैंडऑफ़ जांचता है। एक संदर्भ के तौर पर, क्लाइंट अप्रूवल से गुज़री पोस्ट्स के Mydrop डेटा में सबमिट से अप्रूवल तक का मीडियन समय 6 घंटे था और 66% पोस्ट्स 24 घंटे के भीतर क्लियर हो गईं।
रिपोर्टिंग। एक असली रिपोर्ट दिखाने को कहें। रिपोर्ट को बताना चाहिए कि "क्या इससे हमारा लक्ष्य आगे बढ़ा?", हर ब्रांड की तुलना उसके अपने मीडियन से करनी चाहिए, और एजेंसी के समझाए बिना भी साफ़ पढ़ी जानी चाहिए। शेयर लिंक और शेड्यूल्ड डिलीवरी वाली व्हाइट-लेबल रिपोर्ट एक अच्छा संकेत हैं। यह कैसा दिखता है, इसके लिए सोशल मीडिया रिपोर्ट देखें।
रेड फ़्लैग
- टीम का कोई नाम नहीं। "साइन करने के बाद टीम असाइन होगी।"
- ऐसे मेट्रिक जो रीच और फ़ॉलोअर पर ही रुक जाएं, और लीड, सेल्स या ब्रीफ़ के लक्ष्य से कोई जुड़ाव न हो।
- ग्रोथ के गारंटीड आंकड़े। एल्गोरिदम किसी के काबू में नहीं है।
- कोई रेफ़रेंस नहीं जिन्हें आप कॉल कर सकें, या सिर्फ़ वही जो एजेंसी ने ख़ुद चुने हों।
- सिर्फ़ अपने टूल। आप कैलेंडर, अप्रूवल या एनालिटिक्स ख़ुद नहीं देख सकते।
पारदर्शिता को कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा बनाएं
स्कोरकार्ड का नतीजा जो भी हो, कैलेंडर, अप्रूवल और रिपोर्ट का रीड एक्सेस ज़रूर मांगें। अगर एजेंसी किसी शेयर्ड प्लैटफ़ॉर्म पर काम करती है, तो आप महीने के डेक का इंतज़ार किए बिना देख सकते हैं कि क्या शेड्यूल है और क्या साइन-ऑफ़ के इंतज़ार में है। Mydrop का क्लाइंट पोर्टल इसी के लिए बना है: क्लाइंट बिना लॉगिन के पोस्ट रिव्यू और अप्रूव करते हैं। अगर आप एजेंसी हैं और यह पढ़ रहे हैं, तो यही स्कोरकार्ड आपकी अगली पिच के लिए भी अच्छी चेकलिस्ट है, और हमारा एजेंसी सॉल्यूशंस पेज टूल दिखाता है।
एजेंसी चुनने के बाद SLA तय करने के लिए ऑनबोर्डिंग चेकलिस्ट और रैंप प्लान देखें, और क्रिएटिव ब्रीफ़ KPI लिस्ट के लक्ष्य कॉन्ट्रैक्ट में डालें।
अगला कदम: टेबल को एक शीट में कॉपी करें, अपने वेट सेट करें और इसी हफ़्ते अपनी शॉर्टलिस्ट को एक ही टेस्ट ब्रीफ़ भेजें। किसी भी जवाब पर चर्चा से पहले हर एक को अलग से स्कोर करें।














































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